युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय
सरदार पटेल की विरासत से युवा शक्ति उत्साहित, राष्ट्रीय एकता पदयात्रा के चौथे दिन हजारों लोग शामिल हुए
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राष्ट्रीय पदयात्रा के चौथे दिन सरदार सभा को संबोधित किया, कहा- सरदार पटेल सच्चे राष्ट्र पुरुष थे जिन्होंने भारत को एकजुट किया
यह पदयात्रा सरदार पटेल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एकता के विज़न के प्रति लोगों की श्रद्धांजलि है: डॉ. मनसुख मांडविया
राष्ट्रव्यापी पदयात्रा 451 लोकसभा क्षेत्रों से होते हुए 1,524 जिलों तक पहुंचेगी
प्रविष्टि तिथि: 29 NOV 2025 6:22PM by PIB Delhi
एकता और आत्मनिर्भरता के संकल्प के साथ हुई ‘राष्ट्रीय एकता पदयात्रा’ के चौथे दिन की शुरुआत।#Sardar150#MYBharat pic.twitter.com/GlT54pLfT8
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) November 29, 2025
एकता और आत्मनिर्भरता के संकल्प के साथ हुई ‘राष्ट्रीय एकता पदयात्रा’ के चौथे दिन की शुरुआत।#Sardar150#MYBharat pic.twitter.com/GlT54pLfT8
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युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत माय भारत द्वारा आयोजित सरदार@150 राष्ट्रीय एकता मार्च आज अटूट उत्साह और जनभागीदारी के साथ अपने चौथे दिन में प्रवेश कर गया। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में 26 नवंबर 2025 को आणंद में शुरू की गई यह पदयात्रा देश भर के युवाओं को संगठित करने और भारत की एकता के सूत्रधार का सम्मान करने का प्रयास कर रही है।
शुरुआत से ही, इस पदयात्रा में असाधारण भागीदारी देखी गई है। देशव्यापी भागीदारी अब 15.5 लाख नागरिकों को पार कर गई है, जिसमें 640 जिले, 1,524 पदयात्राएं, 451 लोकसभा क्षेत्र और 23,820 से ज़्यादा संस्थान शामिल हैं। करमसद से केवड़िया तक की राष्ट्रीय पदयात्रा ने चौथे दिन तक 57 किलोमीटर की दूरी तय कर ली है, जो समुदायों, युवा समूहों और माय भारत के स्वयंसेवकों के व्यापक समर्थन को दर्शाता है।

राष्ट्रीय पदयात्रा का चौथा दिन यश कॉम्प्लेक्स, इस्कॉन मंदिर (गोत्री रोड), बीपीसीएल चार्जिंग स्टेशन, ब्रह्माकुमारीज़ अटलादरा और अटलादरा बीएपीएस मंदिर को शामिल करते हुए भारी उत्साह से शुरू हुआ। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल भी पदयात्रा में शामिल हुए, प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया और अपनी उपस्थिति से युवाओं को प्रेरित किया। मार्ग के प्रत्येक पड़ाव ने सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों, सामुदायिक भागीदारी और नागरिकों के उत्साही जुड़ाव के माध्यम से एकता की भावना को दर्शाया। अटलादरा बीएपीएस मंदिर में, एक विशेष कहानी खंड, सरदार गाथा आयोजित किया गया, जिसका विषय “सरदार – द जैजलिंग कमांडर” था। इसमें केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल तथा श्रम और रोजगार मंत्री डॉ मनसुख मांडविया; केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जेपी नड्डा; विधायक, सांसद और वरिष्ठ स्थानीय प्रतिनिधि भी उपस्थित थे, जिन्होंने अपनी भागीदारी से इस अवसर को समृद्ध बनाया।

वडोदरा की महापौर श्रीमती पिंकीबेन नीरजभाई सोनी ने श्री नड्डा का स्वागत किया। श्री जे.पी. नड्डा ने सरदार पटेल की विशाल विरासत पर गहन चिंतनशील भाषण दिया। उन्होंने सरदार पटेल को सच्चा राष्ट्रपुरुष बताया, जिनके नेतृत्व ने एकीकृत भारत की नींव रखी। उन्होंने कहा कि एक भारत, श्रेष्ठ भारत केवल पटेल की कूटनीतिक क्षमता के कारण ही संभव हो पाया है। उन्होंने लंदन में अपनी कानूनी शिक्षा से लेकर अहमदाबाद में उनके शुरुआती नागरिक सुधारों तक पटेल की यात्रा का वर्णन किया। श्री नड्डा ने बारदोली आंदोलन, अहमदाबाद नगर निगम के अध्यक्ष के रूप में सरदार पटेल के प्रभावशाली कार्यकाल और सत्य, न्याय एवं राष्ट्रीय कर्तव्य के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को याद किया।
केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने इस बात पर जोर दिया कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी केवल एक स्मारक नहीं है, बल्कि 1.6 करोड़ भारतीयों के लिए एकता का प्रतीक है। उन्होंने सरदार पटेल की विरासत को उचित श्रद्धांजलि देने में भाग लेने के लिए सभी पदयात्रियों को बधाई दी।
डॉ. मनसुख मांडविया ने अपने संबोधन में पूरे भारत के युवाओं की असाधारण भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुजरात में राष्ट्रीय पदयात्रा ने राज्य के हर निर्वाचन क्षेत्र को छुआ है और इसमें देश भर से प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि एकता मार्च प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प की प्राप्ति को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “पूरा देश इस मार्च को देख रहा है और प्रधानमंत्री के एकता और सामूहिक प्रगति के दृष्टिकोण की पूर्ति का साक्षी बन रहा है।”
नागपुर से शुरू हुई नर्मदा प्रवाह कल आधिकारिक रूप से इस पदयात्रा में शामिल हो गई, और मुंबई से रवाना हुई गोदावरी प्रवाह भी रास्ते में है, जो प्रतीकात्मक रूप से सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देने के लिए भारत के नदी क्षेत्रों को एकजुट कर रही है। स्मृति वन में, सरदार पटेल पर कलाकृतियां बनाने वाले प्राथमिक विद्यालय के छात्रों को सम्मानित किया गया, और वृक्षारोपण अभियान ने पदयात्रा के पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के संदेश को और पुष्ट किया।


आज शाम तक, यह मार्च वडोदरा के नवलखी मैदान पहुंचा, जहां “रियासतों का एकीकरण – राष्ट्र की मौन क्रांति” प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। यह प्रदर्शनी सरदार पटेल द्वारा रियासतों के ऐतिहासिक एकीकरण को प्रस्तुत करती है और युवाओं तथा नागरिकों की महत्वपूर्ण भागीदारी को आकर्षित कर रही है।
दिन का समापन नवलखी मैदान में ग्राम सभा के साथ होगा, जिसमें दयारो प्रदर्शन, सामुदायिक चर्चाएं और सरदार पटेल के आदर्शों की सामूहिक पुनर्पुष्टि शामिल होगी। ग्राम सभा का उद्देश्य सहभागी नागरिकता को बढ़ावा देना और पदयात्रा के एकता, उत्तरदायित्व और राष्ट्रीय गौरव के संदेश को और गहरा करना है।
सरदार@150 राष्ट्रीय एकता पदयात्रा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ओर बढ़ रहा है, जो सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रति एक शक्तिशाली श्रद्धांजलि के रूप में खड़ा है और साझा उद्देश्य, सामूहिक प्रयास और अमृत पीढी की अटूट प्रतिबद्धता के माध्यम से भारत को एकजुट कर रहा है।
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पीके/केसी/एके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2196407) आगंतुक पटल : 99




